Saturday, December 27, 2014
Wednesday, December 3, 2014
यूं ग़मज़दा होकर जिया नहीं जाता
जहर जिंदगी का पिया नहीं जाता
अब तो तेरा ही इक सहारा है रब्बा
दर्दे दिल अब और सहा नहीं जाता
कुछ मुझपे भी रहम करदे खुदा
उनकी याद दिल से भुलाया नहीं जाता
राह तकती है तेरी हरदम मेरी आँखें
तेरे चहरे से नजर हटाया नहीं जाता
आ लगजा गले शिकवे मिटाकर अबतो
तुमबिन इक पल भी और जिया नहीं जाता
Thursday, May 2, 2013
न मिल सकूँ जिंदगी में तो बेवफा न समझना
क्या करूँ वक्त और हालात तुमसे मिलने की इजाजत नहीं देते
प्यार तो सच्चा है ये अपना लेकिन
जमाने की रश्मो रिवाज हमें साथ साथ चलने नहीं देते
माना की इसमें हम दोनों की खता नहीं पर
ये फासले चैन से जीने नहीं देते
गर मुझसे कोई खता हुई तेरी नजर में तो माफ़ी देना
ये उलझन मुझे रात भर सोने नहीं देते
ताकयामत दिल में चराग जलाए रखना" रेयाज़ " कयोकी
चाह कर भी दिल , दिल से जुदा होने नहीं देते
Saturday, April 20, 2013
अपने हुए पराये , पराये अपने हो गए
क्या दौर आ गया है , क्या दौर आ गया है
सिर्फ अपनी बात नहीं , घर -२ की यही कहानी
क्या दौर आ गया है , क्या दौर आ गया है
सितमगर होता आजाद , मासूम बनता कैदी
क्या दौर आ गया है , क्या दौर आ गया है
धर्म के ठेकेदार भी हुए फरेबी , थोड़ी बची इमानदारी
क्या दौर आ गया है , क्या दौर आ गया है
इंसान बना हैवान , बेजुबान बना दयालु
क्या दौर आ गया है , क्या दौर आ गया है
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