Monday, April 22, 2013
Saturday, April 20, 2013
अपने हुए पराये , पराये अपने हो गए
क्या दौर आ गया है , क्या दौर आ गया है
सिर्फ अपनी बात नहीं , घर -२ की यही कहानी
क्या दौर आ गया है , क्या दौर आ गया है
सितमगर होता आजाद , मासूम बनता कैदी
क्या दौर आ गया है , क्या दौर आ गया है
धर्म के ठेकेदार भी हुए फरेबी , थोड़ी बची इमानदारी
क्या दौर आ गया है , क्या दौर आ गया है
इंसान बना हैवान , बेजुबान बना दयालु
क्या दौर आ गया है , क्या दौर आ गया है
Sunday, February 3, 2013
तेरा प्यार मुझसे सब करा लेगा
जो अब तक न किया
तेरी इक ख़ामोशी कई सवाल पैदा करते है
जिसका जवाब अब तक न दिया
तेरी बातों में वो कशिश है के
किसी बहाने से वो बात करते है
जो अब तक किसी से न किया
तेरा वो बातो बातो में खिलखिलाकर
हँसना तो जैसे मन में मिशरी घोले
ऐसा तो पहले किसी ने न किया
तेरे हुश्न का जादू ऐसा चला के
इस कदर मदहोश किसी ने न किया
जैसी हो वैसी ही रहना तेरे प्यार ने
मुझे रात भर सोने न दिया
हर वो बात मानूँगा जो तुम कहोगे
तेरी ख़ामोशी ने मुझे चैन से रहने न दिया
कल शाम तू मुझसे न मिली
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